Cold Wave Alert: नए साल की शुरुआत के साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों से लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन काफी बढ़ गई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले सात दिनों तक देश के कई राज्यों में शीतलहर का कहर जारी रहने वाला है। इस दौरान कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मौसम के मौजूदा हालात को देखते हुए साफ है कि फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
क्यों बढ़ रहा है शीतलहर का कहर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक ठंडी हवाओं का असर तेज हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। यही वजह है कि कई राज्यों में Cold Wave Alert जारी किया गया है।
शीतलहर का असर खासतौर पर सुबह के समय ज्यादा देखा जा रहा है, जब तापमान न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाता है। इसके साथ ही घने कोहरे के कारण दृश्यता भी कम हो रही है।
उत्तर भारत में पड़ेगी सबसे ज्यादा ठंड
आने वाले सात दिनों में उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर का कहर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इन राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है:
- उत्तर प्रदेश
- दिल्ली
- राजस्थान
- हरियाणा
- पंजाब
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
इन इलाकों में सुबह और रात के समय तापमान काफी नीचे जा सकता है। कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के आसार
Cold Wave Alert के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की भी चेतावनी दी गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना है। बर्फबारी के कारण तापमान और गिर सकता है और कई जगहों पर रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
पूर्वी और मध्य भारत में भी ठंड का असर
अब ठंड का असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य और पूर्वी भारत में भी अगले सात दिनों तक शीतलहर का कहर बना रहेगा।
इन राज्यों में Cold Wave Alert जारी किया गया है:
- बिहार
- झारखंड
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
यहां भी न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह के समय कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत में क्या हालात रहेंगे
उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भी ठंड का असर तेज हो रहा है। यहां तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
वहीं दक्षिण भारत में आमतौर पर ठंड कम होती है, लेकिन इस बार कर्नाटक के कुछ हिस्सों और तेलंगाना में भी हल्की शीतलहर की स्थिति बन सकती है। ठंडी हवाओं के कारण यहां भी ठंड का एहसास बढ़ सकता है।
शीतलहर से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए:
- सुबह और रात के समय गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें
- बुजुर्गों और छोटे बच्चों को ठंड से विशेष रूप से बचाएं
- कोहरे के समय वाहन चलाते हुए गति धीमी रखें
- खुले में काम करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए
- मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नियमित नजर रखें
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, आने वाले सात दिन देश के कई हिस्सों के लिए बेहद ठंडे रहने वाले हैं। शीतलहर का कहर और Cold Wave Alert को देखते हुए आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। घना कोहरा, ठंडी हवाएं और कुछ इलाकों में बर्फबारी जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह मानना और आवश्यक सावधानियां बरतना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। मौसम से संबंधित चेतावनियां, तापमान और हालात समय-समय पर बदल सकते हैं। सटीक और ताजा जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) या राज्य सरकार की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।