बिजली का बढ़ता बिल आज लगभग हर परिवार की परेशानी बन चुका है। गर्मी के मौसम में पंखा, कूलर और एसी चलने से बिजली की खपत और भी बढ़ जाती है, जिससे महीने के अंत में आने वाला बिल जेब पर भारी पड़ता है। कई बार तो बिजली का खर्च इतना बढ़ जाता है कि घर के दूसरे जरूरी खर्चों पर असर पड़ने लगता है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने Rooftop Solar Yojana को आगे बढ़ाया है, ताकि लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर खुद की बिजली बना सकें और बिजली बिल से राहत पा सकें।
Rooftop Solar Yojana क्यों लाई गई
देश में बिजली की मांग हर साल बढ़ रही है। हर घर में टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आम हो गए हैं। इतनी बिजली पैदा करना और उसे हर जगह पहुंचाना सरकार के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। साथ ही कोयले और अन्य पारंपरिक साधनों से बिजली बनाने पर प्रदूषण भी बढ़ता है।
इसी वजह से सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग सौर ऊर्जा की ओर जाएं। Rooftop Solar Yojana का उद्देश्य यही है कि आम लोग स्वच्छ ऊर्जा अपनाएं, बिजली पर निर्भरता कम हो और देश ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बने।
Rooftop Solar Yojana में कितना खर्च आएगा और कितनी सब्सिडी मिलेगी
अगर कोई व्यक्ति अपने घर की छत पर 2 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाता है, तो इसकी कुल लागत लगभग 1 लाख से 1.20 लाख रुपये तक हो सकती है। यह रकम सुनकर कई लोग पीछे हट जाते हैं, लेकिन Rooftop Solar Yojana में सरकार इस लागत पर बड़ी सब्सिडी देती है।सरकारी सब्सिडी के बाद करीब 40 से 50 प्रतिशत राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में आती है। इस तरह व्यक्ति को काफी कम रकम अपनी जेब से खर्च करनी पड़ती है। कई मामलों में आवेदन शुल्क केवल ₹500 रखा गया है, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाती है।
अतिरिक्त बिजली से कमाई का मौका
Rooftop Solar Yojana की एक खास बात यह है कि अगर आपके सोलर पैनल से बनी बिजली आपकी जरूरत से ज्यादा होती है, तो आप उसे बिजली विभाग को बेच सकते हैं। इसके लिए घर में नेट मीटर लगाया जाता है।यह मीटर यह हिसाब रखता है कि आपने कितनी बिजली इस्तेमाल की और कितनी ग्रिड में भेजी। अगर आप ज्यादा बिजली बनाते हैं, तो उसका पैसा या एडजस्टमेंट आपके बिल में हो जाता है। इससे कई घरों का बिजली बिल लगभग शून्य हो जाता है।
Rooftop Solar Yojana के लिए आवेदन कैसे करें
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है। इच्छुक व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इसके लिए सरकारी पोर्टल पर जाकर राज्य का चयन करना होता है और आवश्यक जानकारी भरनी होती है।आवेदन के समय आधार कार्ड, हाल का बिजली बिल, बैंक खाता विवरण और छत से जुड़ी जानकारी देनी होती है। आवेदन पूरा होने के बाद अधिकृत कंपनी द्वारा साइट सर्वे किया जाता है और फिर सोलर प्लांट लगाया जाता है।
लंबे समय तक मिलने वाला फायदा
एक बार सोलर प्लांट लग जाने के बाद यह करीब 25 से 30 साल तक काम करता है। इसमें ज्यादा रखरखाव की जरूरत नहीं होती। साल में एक-दो बार पैनल साफ कर देना ही काफी होता है।इस दौरान बिजली की दरें चाहे जितनी बढ़ें, आपके खर्च पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। Rooftop Solar Yojana के जरिए किया गया यह निवेश कुछ ही सालों में अपनी लागत निकाल लेता है और उसके बाद सीधी बचत शुरू हो जाती है।
पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद
सोलर ऊर्जा से बिजली बनाने में न धुआं निकलता है और न ही प्रदूषण होता है। जब ज्यादा लोग Rooftop Solar Yojana के तहत सोलर पैनल लगवाते हैं, तो कोयले पर निर्भरता कम होती है और पर्यावरण को नुकसान भी घटता है।इस तरह यह योजना केवल पैसे की बचत नहीं करती, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ वातावरण बनाए रखने में भी मदद करती है।
कौन लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं
यह योजना उन लोगों के लिए उपयुक्त है जिनके पास खुद का मकान है और छत पर पर्याप्त जगह उपलब्ध है। जिन इलाकों में साल भर अच्छी धूप रहती है, वहां सोलर प्लांट ज्यादा कारगर होता है।अगर किसी का बिजली बिल हर महीने 2,000 से 3,000 रुपये या उससे अधिक आता है, तो Rooftop Solar Yojana उनके लिए खास तौर पर फायदेमंद साबित हो सकती है।
अंतिम बात
बढ़ते बिजली बिल से छुटकारा पाने के लिए Rooftop Solar Yojana एक स्थायी और भरोसेमंद समाधान है। सरकारी सब्सिडी के कारण अब सोलर प्लांट लगवाना आम लोगों के लिए भी आसान हो गया है।अगर आप लंबे समय तक बिजली खर्च कम करना चाहते हैं और पर्यावरण की सुरक्षा में योगदान देना चाहते हैं, तो इस योजना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। Rooftop Solar Yojana से जुड़ी सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया और शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम जानकारी अवश्य जांच लें।